संतुलित आहार

विटामिन D की कमी के लक्षण! Vitamin D deficiency symptoms in Hindi!

विटामिन D एक वसा में घुलनशील विटामिन है जो त्वचा के सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने पर बनता है। यही इसका मुख्य स्रोत है। जब आपकी त्वचा सूरज की रोशनी के संपर्क में आती है। कोलेस्ट्रोल द्वारा  विटामिन डी का निर्माण होता है। यह केवल कुछ ही खाद्य पदार्थों में मौजूद होता है जिसमें वसायुक्त मछली और फोर्टिफाइड उत्पाद, जैसे दूध शामिल हैं। विटामिन डी एक अत्यंत महत्वपूर्ण विटामिन है जो आपके पूरे शरीर में कई प्रणालियों पर शक्तिशाली प्रभाव डालता है।
अन्य विटामिनों के विपरीत, विटामिन डी एक हार्मोन की तरह काम करता है, और आपके शरीर की हर एक कोशिका को प्रभावित कर सकता है।
यदि आप ज्यादातर घर के अंदर होते हैं  तो आपको विटामिन डी की कमी के कारण होने वाली गंभीर से समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि अकेले आहार से पर्याप्त मात्रा में इसे प्राप्त करना बहुत मुश्किल है। नियमित रूप से विटामिन डी की जांच करवा कर गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
विटामिन डी की कमी के कारण डायबिटीज, हार्ट डिजीज, उच्च रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर, ऑस्टियोपोरोसिस, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, बच्चों में गंभीर अस्थमा, अल्जाइमर डिजीज और यहां तक कि कैंसर की संभावना भी बढ़ जाती है
एक अनुमान अनुसार दुनिया भर में लगभग 1 बिलियन लोगों में विटामिन D की कमी है।

विटामिन डी की कमी के लिए  सामान्य जोखिम कारक (रिस्क फैक्टर) :

त्वचा का काला होना।
बुढ़ापा।
अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त होना।
ज्यादा मछली या डेयरी प्रोडक्ट न खाना।
भूमध्य रेखा से बहुत दूर  रहना, जहां साल भर  सूरज की किरणें कम रहती हैं।
घर के अंदर रहना।
बाहर जाते समय हमेशा सनस्क्रीन का इस्तेमाल  करना।


ज्यादातर लोग यह महसूस ही नहीं कर पाते कि  मुझ में विटामिन डी की कमी है क्योंकि इसकी कमी से होने वाले लक्षणों को हम आसानी से पहचान नहीं पाते।

 विटामिन डी की कमी के संकेत और लक्षण ।


1. अक्सर बीमार या संक्रमित होना।
विटामिन डी आपकी इम्यूनिटी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ताकि आप बीमारी पैदा करने वाले वायरस और बैक्टीरिया से लड़ सकें। यह शरीर में उन कोशिकाओं से सीधे संपर्क करता है जो संक्रमण से लड़ने के लिए जिम्मेदार हैं। अगर आप अक्सर जुकाम और फ्लू  की चपेट में रहते हैं तो विटामिन डी की कमी इसका कारण हो सकता है।

2. थकान और कमजोरी।
थका हुआ महसूस करने के कई कारण हो सकते हैं, और विटामिन डी की कमी उनमें से एक हो सकती है। दुर्भाग्य से, इसे अक्सर संभावित कारण के रूप में अनदेखा किया जाता है। थकान विटामिन डी की कमी का संकेत हो सकता है। विटामिन डी और आहार लेने से थकावट दूर की जा सकती है और हम पुनः ऊर्जावान हो सकते हैं।

3. हड्डी और पीठ दर्द।
विटामिन डी कई तरीकों से हड्डी के  स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। आपके शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में सुधार करता है। हड्डी में दर्द और पीठ के निचले हिस्से में दर्द, ब्लड में अपर्याप्त विटामिन डी के स्तर का संकेत हो सकता है।

4. डिप्रेशन या चिंता।
उदास मनोदशा भी विटामिन डी की कमी का संकेत हो सकता है। शोधकर्ताओं ने विटामिन डी की कमी को डिप्रेशन से जोड़ा है, खासकर  वयस्कों में। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि  विटामिन डी की पूर्ति करने से मूड में सुधार होता है।

5. घाव भरने (हीलिंग) में देरी।
सर्जरी या चोट के बाद घावों का धीमा भरना आपके विटामिन डी का स्तर बहुत कम होने  संकेत हो सकता है।  एक टेस्ट-ट्यूब अध्ययन के परिणाम बताते हैं कि विटामिन डी कुछ ऐसे यौगिकों के उत्पादन को बढ़ाता है जो घाव भरने के लिए नई त्वचा बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। सूजन को  कंट्रोल करने और इन्फेक्शन  से लड़ने में विटामिन डी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।

6. सॉफ्ट हड्डियां और फ्रैक्चर।
विटामिन डी कैल्शियम अवशोषण और हड्डियों के  मेटाबोलिज्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन डी की कमी के कारण हड्डियां साॅफ्ट हो जाती है और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है, खास तौर पर महिलाओं में।

7. बालों का झड़ना।
बालों के झड़ने के लिए अक्सर तनाव को जिम्मेदार ठहराया जाता है, जो निश्चित रूप से एक सामान्य कारण है। हालांकि, जब बालों का झड़ना बहुत ज्यादा हो तो यह एक बीमारी या पोषक तत्वों की कमी का परिणाम हो सकता है। महिलाओं में बालों के झड़ने को कम विटामिन डी के स्तर से भी जोड़ा गया है, हालांकि अभी तक इस पर बहुत कम रिसर्च हुई है।
अलोपेसिया अरीटा (कुछ हिस्से के बाल झड़ना)
एक ऑटोइम्यून बीमारी है जो सिर और शरीर के अन्य हिस्सों से बालों के झड़ने की बीमारी रिकेट्स से ग्रसित बच्चों में पाई जाती है। रिकेट्स नामक बीमारी (विटामिन डी की कमी) के कारण बच्चों में हड्डियां सॉफ्ट हो जाती हैं।

8. मांसपेशियों में दर्द।
मांसपेशियों में दर्द के कारणों का पता लगाना अक्सर मुश्किल होता है। कुछ सबूत हैं कि विटामिन डी की कमी बच्चों और वयस्कों में मांसपेशियों में दर्द का संभावित कारण हो सकता है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि विटामिन डी हाई डोज लेने से उन लोगों में विभिन्न प्रकार के दर्द कम हो सकते हैं।