महिलाओं का स्वास्थ्य

पैप स्मीयर : क्या, कब, क्यों और कैसे ? Pap Smear : What, When, Why and How in Hindi ?

एक पैप स्मीयर एक जांच है जिसका उपयोग गर्भाशय ग्रीवा (यूटरिन सरविक्स) कोशिकाओं देखने के लिए किया जाता है जो कि गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर या अन्य बीमारियों का संकेत देता है जो बाद में कैंसर के रूप में विकसित हो सकती हैं।
सरल भाषा में पैप स्मीयर, बच्चेदानी के कैंसर की पहचान और संभावना जांचने के लिए की जाने वाली ये एक सस्ती, सरल कैंसर स्क्रीनिंग जांच है।
पैप स्मीयर कैंसर का डायग्नोसिस नहीं करती है, लेकिन वे 95% गर्भाशय ग्रीवा (यूटरिन सरविक्स) के कैंसर का पता लगाते हैं। ताकि उनका इलाज किया जा सके और मरीज लगभग हमेशा ठीक हो सके। पैप स्मीयर असामान्य कोशिकाओं की उपस्थिति के बारे में बताता है जिसके लिए और जांच, डायग्नोसिस की जरूरत होती है।

 पैप स्मीयर कब होना चाहिए?

सभी महिलाओं को 21 वर्ष की आयु से पैप स्मीयर करवाना चाहिए। जब तक वे 29 वर्ष के नहीं हो जातीं, पैप स्मीयर को हर 3 साल में किया जाना चाहिए। 30 से 65 वर्ष की महिलाएं हर 5 साल में पैप / एचपीवी कोटेस्ट करवा सकती हैं। अगर डॉक्टर आपको हर 2-3 साल में पैप स्मीयर करने की सलाह देता है, तो आपको पैल्विक जांच के लिए हर साल अपने स्त्री रोग विशेषज से कंसल्ट करना चाहिए।
महिलाओं को अपने मासिक चक्र के बीच में या LMP (आखिरी मासिक धर्म) शुरू होने के लगभग 10-20 दिनों बाद पैप स्मीयर करवाना चाहिए। पैप स्मीयर से कम से कम 2 दिन पहले, महिलाओं अपने पार्टनर से दूर रहना चाहिए। प्राइवेट पार्ट में किसी भी तरह की क्रीम, सपोसिटरी या स्प्रे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से पैप स्मीयर के रिजल्ट गड़बड़ा सकते हैं।

सभी महिलाओं को 21 वर्ष की आयु से पैप स्मीयर करवाना चाहिए। जब तक वे 29 वर्ष के नहीं हो जातीं, पैप स्मीयर को हर 3 साल में किया जाना चाहिए। 30 से 65 वर्ष की महिलाएं हर 5 साल में पैप / एचपीवी कोटेस्ट करवा सकती हैं। अगर डॉक्टर आपको हर 2-3 साल में पैप स्मीयर करने की सलाह देता है, तो आपको पैल्विक जांच के लिए हर साल अपने स्त्री रोग विशेषज से कंसल्ट करना चाहिए।
महिलाओं को अपने मासिक चक्र के बीच में या LMP (आखिरी मासिक धर्म) शुरू होने के लगभग 10-20 दिनों बाद पैप स्मीयर करवाना चाहिए। पैप स्मीयर से कम से कम 2 दिन पहले, महिलाओं अपने पार्टनर से दूर रहना चाहिए। प्राइवेट पार्ट में किसी भी तरह की क्रीम, सपोसिटरी या स्प्रे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से पैप स्मीयर के रिजल्ट गड़बड़ा सकते हैं।

एक पैप स्मीयर के दौरान क्या होता है?

आपका डॉक्टर आपके गर्भाशय ग्रीवा (यूटरिन सरविक्स) से एक छोटे से स्पैटुला, ब्रश की मदद से कोशिकाओं का सैंपल लेता है। इससे आपको कुछ असुविधा महसूस हो सकती है, लेकिन यह बहुत ज्यादा दर्दनाक नहीं होता है। सैंपल को एक माइक्रोस्कोप स्लाइड पर रखा जाता है और रिजल्ट के लिए एक  लैबोरेट्री में भेजा जाता है।

पैप स्मीयर के परिणाम

एक नेगेटिव रिजल्ट का मतलब है कि आपका गर्भाशय ग्रीवा (यूटरिन सरविक्स) सामान्य है। एक पॉजिटिव रिजल्ट बताता है कि सब कुछ सामान्य नहीं है। पॉजिटिव रिजल्ट सुनकर चिंतित ना हो क्योंकि यह एक जांच है, फाइनल डायग्नोसिस नहीं। पॉजिटिव रिजल्ट यह साबित नहीं करता है कि आपको कैंसर या डिसप्लेसिया (पूर्व कैंसर की स्थिति) है। हालांकि, इसका आमतौर पर मतलब है कि आपकी कोलपोस्कोपी या बायोप्सी जांच होनी चाहिए । आप अपने डॉक्टर साथ परिणामों पर विस्तार से चर्चा कर सकते हैं।

दस में से एक पैप स्मीयर कुछ असामान्य होता है। पॉजिटिव पैप स्मीयर वाली महिलाओं में बैक्टीरियल इन्फेक्शन, खमीर इन्फेक्शन, ट्राइकोमोनास, हर्पीज या ह्यूमन पैपिलोमा वायरस इन्फेक्शन को कंफर्म करने के लिए आगे कुछ और टेस्ट की आवश्यकता होगी।

शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि सर्वाइकल कैंसर का सीधा संबंध ह्यूमैन्
पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) से है।
सर्वाइकल कैंसर के लिए एचपीवी मुख्य रिस्क फैक्टर है, लेकिन ज्यादातर महिलाएं जो एचपीवी के कारण होने वाली असामान्य कोशिकाओं का इलाज कराती हैं, उनमें सर्वाइकल कैंसर विकसित नहीं होता है।

2003 में, FDA ने एक स्क्रीनिंग टेस्ट को मंजूरी दी, जो पैप स्मीयर के साथ यह निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है कि क्या आप HPV वायरस इनफेक्शन से ग्रसित हैं। 

गर्भावस्था और असामान्य पैप स्मीयर

पैप स्मीयर आपकी प्रसव पूर्व देखभाल का एक नियमित हिस्सा है और इससे भ्रूण को कोई खतरा नहीं होता है। यदि गर्भावस्था के दौरान आपका पैप स्मीयर असामान्य है, तो इसमें चिंता की कोई बात नहीं क्योंकि बच्चे को सुरक्षित रखते हुए गर्भावस्था के दौरान या बच्चे के जन्म के बाद इलाज किया जा सकता है।
आपका डॉक्टर दूरबीन की जांच (कोलपोस्कोपी) या सरवाइकल बायोप्सी का सुझाव दे सकता है। ऐसे में गर्भाशय ग्रीवा (यूटरिन सरविक्स) के बाहरी हिस्से से हल्की ब्लीडिंग हो सकती है। चिंता की कोई बात नहीं डॉक्टर वही करेगा जो मेडिकल रूप से आवश्यक है।

 पैप स्मीयर की कब जरूरत नहीं ?

नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के अनुसार, जिन महिलाओं की उम्र 70 से अधिक है और  पिछले पैप स्मीयर सामान्य हैं, उनमें सर्वाइकल कैंसर विकसित होने की संभावना बहुत कम होती है। ऐसी महिलाओं में पैप स्मीयर बंद करने के बारे में सोचा जा सकता है।
जिन महिलाओं में बिना किसी कैंसर से संबंधित कारणों से गर्भाशय और गर्भाशय ग्रीवा दोनों को हटाने के साथ हिस्टेरेक्टॉमी हुई है, उन महिलाओं में भी पैप स्मीयर बंद करने के बारे में डॉक्टर से चर्चा की जा सकती है।

जो महिलाएं इम्यूनोसप्रेसेन्ट दवाएं ले रही हैं या ऐसी बीमारी है जो इम्यून सिस्टम को कमजोर करती है, उन महिलाओं में ज्यादा बार पैप स्मीयर टेस्ट होने चाहिए।